ColorMag https://jansancharabhilekh.com National News Portal Fri, 16 Oct 2026 12:29:56 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://jansancharabhilekh.com/wp-content/uploads/2025/08/Screenshot-2025-08-17-155754-93x90.png ColorMag https://jansancharabhilekh.com 32 32 पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/instructions-to-expedite-the-construction-and-repair-of-panchayat-buildings/ Fri, 16 Oct 2026 12:29:56 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/instructions-to-expedite-the-construction-and-repair-of-panchayat-buildings/

पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

देहरादून। प्रदेश में पंचायतों को सशक्त बनाने और पंचायतीराज विभाग की योजनाओं को गति देने के लिए पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए धनराशि आवंटित करने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि पंचायतों को मजबूत बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी के तहत जिन पंचायत भवनों को मरम्मत की जरूरत है, उनके साथ ही नए पंचायत भवनों के निर्माण के लिए भी तत्काल उपलब्ध धनराशि आवंटित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पंचायतों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का विस्तार करना है।

कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने के लिए बनेगा प्रस्ताव
बैठक में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत उपनल के माध्यम से प्रदेश के ब्लॉकों में तैनात कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग में कंटीजेंसी की व्यवस्था बंद हो गई है। ऐसे में कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं बनाए रखने के लिए आगामी छठे राज्य वित्त आयोग के अनुदान में कंटीजेंसी की व्यवस्था करने संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

पंचायतीराज एक्ट की नियमावलियां बनाने पर जोर
मदन कौशिक ने कहा कि पंचायतीराज एक्ट-2016 को लागू हुए 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इसके तहत बनाई जाने वाली विभिन्न नियमावलियां अब तक तैयार नहीं हो पाई हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन नियमावलियों को तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

न्यायालयों में लंबित मामलों और प्रशासनिक ढांचे की होगी समीक्षा
मंत्री ने विभाग से संबंधित न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही पंचायतीराज विभाग के प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से इसका प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पंचायतीराज विभाग के सचिव नितेश कुमार झा, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय समेत विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

]]>
पशुधन प्रसार अधिकारी एवं सर्वेक्षक की लिखित परीक्षा के लिए तैयारियां पूर्ण, जिला प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/preparations-complete-for-the-written-examination-for-livestock-extension-officers-and-surveyors-district-administration-has-made-robust-arrangements/ Fri, 16 Oct 2026 12:15:23 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/preparations-complete-for-the-written-examination-for-livestock-extension-officers-and-surveyors-district-administration-has-made-robust-arrangements/

18 अक्टूबर को 2 पालियों में आयोजित होगी परीक्षा, प्रथम पाली में पशुधन प्रसार अधिकारी परीक्षा में 8957 एवं द्वितीय पाली में सर्वेक्षक की लिखित परीक्षा में 1535 परीक्षार्थी होंगे शामिल

एडीएम के.के. मिश्रा ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दिए परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता एवं शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश

देहरादून। आगामी 18 अक्टूबर, 2026 (रविवार) को जनपद देहरादून में आयोजित होने वाली पशुधन प्रसार अधिकारी एवं सर्वेक्षक की लिखित परीक्षा-2026 के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। परीक्षा के सुचारू संचालन तथा परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में कोषागार सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेटों की बैठक आयोजित की गई।

जनपद में पशुधन प्रसार अधिकारी एवं सर्वेक्षक के पदों के लिए लिखित परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पशुधन प्रसार अधिकारी की परीक्षा के लिए जनपद में कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 8,957 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। यह परीक्षा प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार सर्वेक्षक के पदों के लिए लिखित परीक्षा जनपद के 4 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें कुल 1,535 अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। सर्वेक्षक की परीक्षा अपराह्न 03 बजे से सायं 05 बजे तक आयोजित की जाएगी।

अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी एवं कार्मिक परीक्षा से संबंधित दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ करें। परीक्षा के दौरान आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता, गोपनीयता तथा शांतिपूर्ण संचालन जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर समयबद्ध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि परीक्षा संपन्न होने के उपरांत आयोग के निर्धारित मानकों एवं प्रक्रिया के अनुसार मूल ओएमआर शीट तथा नमूना सील सहित परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री कोषागार में सुरक्षित जमा कराना सुनिश्चित करें। गोपनीय सामग्री के रखरखाव, परिवहन एवं जमा करने के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पूर्ण अनुपालन किया जाए, ताकि परीक्षा की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पूर्व पहुंचें तथा परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासन बनाए रखें। परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अथवा किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होने से पूर्व आयोग द्वारा जारी निर्देशों का भली-भांति अवलोकन कर लें तथा परीक्षा केंद्र पर निर्धारित नियमों का पालन करें।

उक्त दोनों परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। परीक्षा से संबंधित सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्धारित दायित्वों का पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में उप कोषाधिकारी भरत सिंह मेवाड़, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से बृजलाल बहुगुणा एवं सुभाष चंद्र घिल्डियाल सहित परीक्षा के लिए नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

]]>
अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्य की स्थिति का संज्ञान लेने पहुंचीं महिला आयोग अध्यक्ष https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/chairperson-of-the-womens-commission-arrives-to-check-on-the-condition-of-minister-rekha-arya-who-is-admitted-to-the-hospital/ Fri, 16 Oct 2026 11:32:12 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/chairperson-of-the-womens-commission-arrives-to-check-on-the-condition-of-minister-rekha-arya-who-is-admitted-to-the-hospital/

मंत्री रेखा आर्या के वायरल प्रकरण पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान; कानून सम्मत व निष्पक्ष कार्रवाई हेतु पुलिस प्रशासन को दिए सख्त निर्देश

मंत्री रेखा आर्य से जुड़े घरेलू हिंसा विवाद के प्रकरण पर राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान; एसएसपी को त्वरित जांच व कड़ी कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। पारिवारिक विवाद व मानसिक प्रताड़ना से जुड़े वायरल गम्भीर प्रकरण के उपरांत अस्पताल में भर्ती कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की नाजुक स्वास्थ्य स्थिति का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुये मामले में हस्तक्षेप किया है।

आज राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल पहुंचकर कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती मंत्री रेखा आर्या से भेंट की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। ​आयोग अध्यक्ष ने डॉ गीता खन्ना से उनके गंभीर स्वस्थ की जानकारी ली तथा उपचार कर रहे अन्य चिकित्सकों से मंत्री जी के बेहतर स्वास्थ्य के चिकित्सकों को उचित उपचार व निगरानी के लिए कहा है।

उन्होंने बताया उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सोशल मीडिया एवं विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित पारिवारिक विवाद तथा कथित वीडियो प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऐसी सशक्त और मजबूत महिला के साथ इस प्रकार की घटना का होना बहुत ही निंदापूर्ण है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि न्याय और महिला सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता तथा कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल से वार्ता कर प्रकरण की वस्तुस्थिति की जानकारी ली। आयोग ने पुलिस प्रशासन को पूरे प्रकरण की सूक्ष्म, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित व ठोस वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।

​राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिला चाहे आम हो या खास, महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ मजबूती से खड़ा है। भारतीय समाज में महिलाएं अपने परिवार और बच्चों के भविष्य को संवारने व रिश्ते बचाने के लिए हर संभव प्रयास करती हैं, लेकिन यदि किसी भी महिला के साथ घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की घटना होती है, तो उसे चुपचाप सहने की आवश्यकता नहीं है। हर महिला को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। आयोग उनके के स्वास्थ्य की कुशलता की कामना करता है और न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है। कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयोग लगातार पुलिस प्रशासन के संपर्क में है और प्रकरण पर निरंतर निगरानी बनाए हुए है।

आयोग ने स्पष्ट किया सरकार पूरी तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सभी पहलुओं और तकनीकी साक्ष्यों की पुलिस प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच की जा रही है। किसी भी स्तर पर कानून के उल्लंघन या अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच उपरांत दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

]]>
आयुष अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, मंत्री कौशिक ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के दिए निर्देश https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/shortage-of-doctors-in-ayush-hospitals-to-be-addressed-minister-kaushik-issues-directives-to-complete-the-recruitment-process-soon/ Fri, 16 Oct 2026 10:37:55 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/shortage-of-doctors-in-ayush-hospitals-to-be-addressed-minister-kaushik-issues-directives-to-complete-the-recruitment-process-soon/

देहरादून। उत्तराखंड में आयुष चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और निर्माणाधीन अस्पतालों को जल्द पूरा करने के लिए आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत बन रहे आयुष अस्पतालों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों, सहायक कर्मचारियों, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

टनकपुर और कोटद्वार में निर्माणाधीन अस्पतालों की समीक्षा

बैठक के दौरान मंत्री मदन कौशिक ने राज्य और केंद्र पोषित योजनाओं के तहत बनाए जा रहे राजकीय आयुष चिकित्सालयों की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि टनकपुर में आयुष मिशन योजना के अंतर्गत 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं, पौड़ी जिले के कोटद्वार में बन रहे 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का निर्माण 65 प्रतिशत तक पूरा हो गया है।

मंत्री ने बताया कि दिनापुर पथरी में 10 शैय्या वाले आयुष चिकित्सालय का निर्माण पूरा कर लिया गया है। वहीं, भीमताल में निर्माणाधीन 10 शैय्या वाले आयुष अस्पताल का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

जाखणीधार और पिरान कलियर की परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मदन कौशिक ने टिहरी जिले के जाखणीधार में प्रस्तावित 50 शैय्या वाले आयुष अस्पताल के लिए स्थान चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पिरान कलियर में प्रस्तावित 50 शैय्या वाले यूनानी चिकित्सालय के निर्माण से संबंधित कार्यवाही में तेजी लाने को कहा।

आयुष अस्पतालों में खाली पद जल्द भरने को कहा

मंत्री ने प्रदेश के सभी आयुष केंद्रों और चिकित्सालयों में उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की तैनाती के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष चिकित्सालयों में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। साथ ही अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में आयुर्वेदिक विभाग के निदेशक डॉ. आरपी सिंह, होम्योपैथिक विभाग के निदेशक जेएल फिरमाल, संयुक्त निदेशक डॉ. मिथलेश कुमार, संयुक्त निदेशक एमएस गुंज्याल, एडीसी आलोक कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

]]>
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘पीएम राहत’ और ‘नेक राहगीर’ योजना वरदान- खजान दास https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/pm-relief-and-good-samaritan-schemes-are-a-boon-for-road-accident-victims-khajan-das/ Fri, 16 Oct 2026 10:25:45 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/pm-relief-and-good-samaritan-schemes-are-a-boon-for-road-accident-victims-khajan-das/

सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन उपचार पर संगोष्ठी का आयोजन

गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले नेक राहगीर को ₹25,000 का नकद पुरस्कार, घायलों को ₹1.50 लाख तक का कैशलेस इलाज

देहरादून। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देहरादून के सर्वे चौक स्थित अनुसंधान विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) ऑडिटोरियम में एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में प्रधानमंत्री राहत योजना तथा नेक राहगीर (राह-वीर) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। संगोष्ठी में पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विशेषज्ञ और चिकित्सक उपस्थित रहे।

जीवन रक्षा के लिए संवेदनशीलता आवश्यक-खजान दास
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जागरूक और संवेदनशील होना आवश्यक है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना और उसे प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराना जीवन बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संगोष्ठी को जनहित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए प्रधानमंत्री राहत एवं राह-वीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं।

त्वरित उपचार ही सच्ची मानव सेवा-डॉ. आशीष चौहान
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाला व्यक्ति केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि किसी परिवार की उम्मीदों और जिम्मेदारियों का आधार होता है। दुर्घटना के बाद परिवार जिस पीड़ा और संकट से गुजरता है, उसे समझते हुए प्रत्येक व्यक्ति को मानवीय संवेदना के साथ आगे आना चाहिए। घायल को समय पर उपचार उपलब्ध कराना ही सच्ची मानव सेवा है।

उन्होंने ई-डीएआर एवं टीएमएस पोर्टल पर प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाने तथा संबंधित सुविधाओं का अधिकाधिक अस्पतालों तक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ आमजन की सहभागिता भी जरूरी है।

घायलों को ₹1.50 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा
विशेषज्ञों ने बताया कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ₹1.50 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के दौरान अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले राह-वीर को ₹25 हजार तक की पुरस्कार राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, वर्षभर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर ₹1 लाख की पुरस्कार राशि, ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और आम नागरिकों को बिना किसी भय या संकोच के घायलों की सहायता के लिए प्रोत्साहित करना है। योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित पात्रता एवं प्रक्रिया के अनुसार पात्र अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही, आपातकालीन नंबर 112, पुलिस के ई-डीएआर (म-क्।त्) तथा नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के टीएमएस 2.0 प्लेटफॉर्म के माध्यम से संबंधित प्रक्रियाओं को संचालित किया जाता है।

हर घंटे औसतन 21 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत
संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में प्रतिवर्ष लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु होती है और लाखों लोग घायल होते हैं। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष लगभग 5.13 लाख हादसे होते हैं, जिनमें करीब 1.83 लाख लोगों की मृत्यु तथा 4.6 लाख लोग घायल होते हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, औसतन हर घंटे लगभग 21 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में चली जाती है। दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की हिस्सेदारी भी चिंताजनक है।

विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करने के लिए त्वरित उपचार, प्रभावी राहत एवं बचाव व्यवस्था और जनसहभागिता पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति या संस्था योगदान दे सकती है। सामाजिक हित में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था भी है।

संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री राहत एवं राह-वीर योजना की विस्तृत जानकारी देने के साथ ई-डीएआर और टीएमएस प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन आवेदन एवं संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर, महानिदेशक परिवहन अनिल गर्व्याल, निदेशक शिक्षा खड़क सिंह दत्ताल, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा, अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, जिला सभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला सहित सरकारी एवं निजी अस्पतालों के वरिष्ठ चिकित्सक तथा पुलिस, परिवहन, शिक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

]]>
मच्छरों के काटने से सिर्फ डेंगू-मलेरिया ही नहीं, एनीमिया का भी बढ़ सकता है खतरा https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/mosquito-bites-can-increase-the-risk-not-only-of-dengue-and-malaria-but-also-of-anaemia/ Fri, 16 Oct 2026 10:10:02 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/mosquito-bites-can-increase-the-risk-not-only-of-dengue-and-malaria-but-also-of-anaemia/

मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां सेहत के लिए गंभीर परेशानी बन सकती हैं। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे संक्रमणों से बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। मलेरिया का संक्रमण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर एनीमिया यानी खून की कमी का कारण भी बन सकता है। खासकर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस बीमारी के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

मलेरिया और एनीमिया के बीच क्या है 

मलेरिया संक्रमित मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसका कारण प्लास्मोडियम नामक परजीवी है, जो शरीर में पहुंचकर लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। ये कोशिकाएं शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

संक्रमण के कारण लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं, जिससे हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो सकता है। इस स्थिति में एनीमिया विकसित होने की आशंका रहती है। गंभीर मामलों में मरीज को थकान, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी और दिल की धड़कन तेज होने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

मलेरिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। बार-बार मलेरिया होने से शरीर में खून की कमी की समस्या बढ़ सकती है। गर्भावस्था के दौरान यह संक्रमण मां और गर्भस्थ शिशु, दोनों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

हालांकि, मलेरिया से संक्रमित प्रत्येक व्यक्ति को एनीमिया हो, यह जरूरी नहीं है। इसका खतरा संक्रमण की गंभीरता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

मलेरिया होने पर बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, एनीमिया के कारण त्वचा या आंखों में पीलापन, चक्कर आना, कमजोरी और सांस फूलने की समस्या सामने आ सकती है।

यदि बुखार के साथ अत्यधिक कमजोरी, सांस लेने में कठिनाई, बेहोशी या दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। समय पर जांच से बीमारी की पहचान और उचित इलाज में मदद मिलती है।

मच्छरों से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

मच्छरदानी का प्रयोग करें: सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

रिपेलेंट का इस्तेमाल करें: मच्छरों से बचाव के लिए सुरक्षित मच्छर भगाने वाले उत्पादों का उपयोग करें।

पानी जमा न होने दें: घर और आसपास के स्थानों पर जमा पानी को साफ करते रहें।

बुखार होने पर जांच कराएं: लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार इलाज लें।

खुद से दवाएं न लें: मलेरिया की दवा या आयरन सप्लीमेंट बिना चिकित्सकीय सलाह के न लें।

मलेरिया की समय पर पहचान और उचित उपचार से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। इसलिए मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के साथ बीमारी के लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

]]>
भारत-जिम्बाब्वे महिला टी20 सीरीज का आगाज आज, जानें कब और कहां देखें पहला मुकाबला https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/india-zimbabwe-womens-t20-series-begins-today-find-out-when-and-where-to-watch-the-first-match/ Fri, 16 Oct 2026 07:37:37 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/india-zimbabwe-womens-t20-series-begins-today-find-out-when-and-where-to-watch-the-first-match/

हरमनप्रीत कौर के बाद स्मृति मंधाना के हाथों में टीम इंडिया की कमान

नई दिल्ली। रायपुर में शुक्रवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के साथ स्मृति मंधाना पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत करेंगी। हालांकि, मंधाना इसे भारतीय क्रिकेट में किसी नए युग की शुरुआत नहीं मानतीं। लंबे समय तक उपकप्तान की भूमिका निभाने और कई अवसरों पर टीम की कमान संभालने के कारण उन्हें नेतृत्व का अच्छा अनुभव है। अब उनका जोर टीम में निरंतरता बनाए रखने और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए मजबूत टीम तैयार करने पर है।

कप्तानी में बदलाव के बावजूद नहीं बदलेगी टीम की सोच

भारतीय टीम की कप्तानी संभालने के बाद स्मृति मंधाना ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इस दौरान टीम के सामने कई अहम टूर्नामेंट होंगे, जिनके लिए अभी से बेहतर तैयारी करना जरूरी है।

मंधाना के मुताबिक, पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहेंगी। उनका अनुभव खिलाड़ियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद हरमनप्रीत अपने खेल पर अधिक ध्यान दे सकेंगी, जिससे टीम को बल्लेबाजी में भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

अपनी नेतृत्व शैली को लेकर मंधाना ने कहा कि यह पूरी तरह से नई व्यवस्था नहीं है, क्योंकि वह पहले भी कई बार टीम की अगुवाई कर चुकी हैं। हालांकि, अब पूर्णकालिक कप्तान के रूप में उनके सामने टीम को बेहतर दिशा देने की जिम्मेदारी होगी।

नंबर तीन पर किसे मिलेगा मौका?

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की यह सीरीज भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों को आजमाने और सही संयोजन तलाशने का अच्छा अवसर है। टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी को लेकर है। चोट के कारण जेमिमा रोड्रिग्स की अनुपस्थिति में इस स्थान के लिए नए विकल्प तलाशने होंगे।

स्मृति मंधाना ने अनुष्का शर्मा और निकी प्रसाद जैसी युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। दोनों ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा जी कमलिनी भी इस भूमिका के लिए विकल्प हैं, जो एशियाई खेलों में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर चुकी हैं।

इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम आगामी मुकाबलों के लिए अपनी रणनीति तैयार कर सकती है। सीरीज में युवा खिलाड़ियों को अवसर मिलने से टीम की बेंच स्ट्रेंथ का आकलन करने में भी मदद मिलेगी।

टी20 में आक्रामक खेल पर रहेगा जोर

भारतीय टीम की योजना टी20 प्रारूप में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की है। कप्तान स्मृति मंधाना नए मानक स्थापित करना चाहती हैं, जबकि उपकप्तान शेफाली वर्मा का मानना है कि टीम को निडर होकर खेलने के साथ-साथ परिस्थितियों के अनुसार समझदारी से फैसले लेने होंगे।

दिसंबर में होने वाले दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले यह सीरीज भारतीय टीम के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने का महत्वपूर्ण अवसर है। जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबलों में टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की भूमिका, बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी संयोजन को परख सकेगा।

यह सीरीज ऐतिहासिक भी है, क्योंकि भारतीय महिला टीम पहली बार जिम्बाब्वे के खिलाफ द्विपक्षीय मुकाबले खेलेगी। दौरे पर दोनों टीमों के बीच तीन टी20 और तीन एकदिवसीय मैच आयोजित किए जाएंगे।

भारत और जिम्बाब्वे की टीम

भारतीय टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, निकी प्रसाद, हरमनप्रीत कौर, अनुष्का शर्मा, ऋचा घोष, जी कमलिनी, दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिंतिमानी कलिता और मिन्नू मणि।

जिम्बाब्वे की टीम: जोसेफिन नकोमो (कप्तान), बिलव्ड बिज़ा, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, केलिस नधलोवु, मिशेल मावुंगा, न्याशा ग्वानजुरा, नोम्पिलो सिबांडा, लोरिन फिरी, चिएजा दुरुरु, मोडेस्टर मुपाचिक्वा और तेंदानेई मायकुशा।

भारत बनाम जिम्बाब्वे पहला टी20: कब, कहां और कितने बजे देखें मुकाबला?

मैच से जुड़ी अहम जानकारी

 मैच कब खेला जाएगा?

सीरीज का पहला टी20 मुकाबला शुक्रवार, 16 अक्टूबर को खेला जाएगा।

मैच कहां आयोजित होगा?

यह मुकाबला छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।

मैच कितने बजे शुरू होगा और टॉस कब होगा?

मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा। टॉस शाम 6:30 बजे होगा।

मैच का सीधा प्रसारण कहां देख सकते हैं?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मैच का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर किया जाएगा।

]]>
भारत-जिम्बाब्वे महिला टी20 सीरीज का आगाज आज, जानें कब और कहां देखें पहला मुकाबला https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/india-zimbabwe-womens-t20-series-begins-today-find-out-when-and-where-to-watch-the-first-match/ Fri, 16 Oct 2026 07:37:37 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/india-zimbabwe-womens-t20-series-begins-today-find-out-when-and-where-to-watch-the-first-match/

हरमनप्रीत कौर के बाद स्मृति मंधाना के हाथों में टीम इंडिया की कमान

नई दिल्ली। रायपुर में शुक्रवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के साथ स्मृति मंधाना पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत करेंगी। हालांकि, मंधाना इसे भारतीय क्रिकेट में किसी नए युग की शुरुआत नहीं मानतीं। लंबे समय तक उपकप्तान की भूमिका निभाने और कई अवसरों पर टीम की कमान संभालने के कारण उन्हें नेतृत्व का अच्छा अनुभव है। अब उनका जोर टीम में निरंतरता बनाए रखने और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए मजबूत टीम तैयार करने पर है।

कप्तानी में बदलाव के बावजूद नहीं बदलेगी टीम की सोच

भारतीय टीम की कप्तानी संभालने के बाद स्मृति मंधाना ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इस दौरान टीम के सामने कई अहम टूर्नामेंट होंगे, जिनके लिए अभी से बेहतर तैयारी करना जरूरी है।

मंधाना के मुताबिक, पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहेंगी। उनका अनुभव खिलाड़ियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद हरमनप्रीत अपने खेल पर अधिक ध्यान दे सकेंगी, जिससे टीम को बल्लेबाजी में भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

अपनी नेतृत्व शैली को लेकर मंधाना ने कहा कि यह पूरी तरह से नई व्यवस्था नहीं है, क्योंकि वह पहले भी कई बार टीम की अगुवाई कर चुकी हैं। हालांकि, अब पूर्णकालिक कप्तान के रूप में उनके सामने टीम को बेहतर दिशा देने की जिम्मेदारी होगी।

नंबर तीन पर किसे मिलेगा मौका?

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की यह सीरीज भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों को आजमाने और सही संयोजन तलाशने का अच्छा अवसर है। टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी को लेकर है। चोट के कारण जेमिमा रोड्रिग्स की अनुपस्थिति में इस स्थान के लिए नए विकल्प तलाशने होंगे।

स्मृति मंधाना ने अनुष्का शर्मा और निकी प्रसाद जैसी युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। दोनों ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा जी कमलिनी भी इस भूमिका के लिए विकल्प हैं, जो एशियाई खेलों में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर चुकी हैं।

इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम आगामी मुकाबलों के लिए अपनी रणनीति तैयार कर सकती है। सीरीज में युवा खिलाड़ियों को अवसर मिलने से टीम की बेंच स्ट्रेंथ का आकलन करने में भी मदद मिलेगी।

टी20 में आक्रामक खेल पर रहेगा जोर

भारतीय टीम की योजना टी20 प्रारूप में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की है। कप्तान स्मृति मंधाना नए मानक स्थापित करना चाहती हैं, जबकि उपकप्तान शेफाली वर्मा का मानना है कि टीम को निडर होकर खेलने के साथ-साथ परिस्थितियों के अनुसार समझदारी से फैसले लेने होंगे।

दिसंबर में होने वाले दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले यह सीरीज भारतीय टीम के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने का महत्वपूर्ण अवसर है। जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबलों में टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की भूमिका, बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी संयोजन को परख सकेगा।

यह सीरीज ऐतिहासिक भी है, क्योंकि भारतीय महिला टीम पहली बार जिम्बाब्वे के खिलाफ द्विपक्षीय मुकाबले खेलेगी। दौरे पर दोनों टीमों के बीच तीन टी20 और तीन एकदिवसीय मैच आयोजित किए जाएंगे।

भारत और जिम्बाब्वे की टीम

भारतीय टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, निकी प्रसाद, हरमनप्रीत कौर, अनुष्का शर्मा, ऋचा घोष, जी कमलिनी, दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिंतिमानी कलिता और मिन्नू मणि।

जिम्बाब्वे की टीम: जोसेफिन नकोमो (कप्तान), बिलव्ड बिज़ा, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, केलिस नधलोवु, मिशेल मावुंगा, न्याशा ग्वानजुरा, नोम्पिलो सिबांडा, लोरिन फिरी, चिएजा दुरुरु, मोडेस्टर मुपाचिक्वा और तेंदानेई मायकुशा।

भारत बनाम जिम्बाब्वे पहला टी20: कब, कहां और कितने बजे देखें मुकाबला?

मैच से जुड़ी अहम जानकारी

 मैच कब खेला जाएगा?

सीरीज का पहला टी20 मुकाबला शुक्रवार, 16 अक्टूबर को खेला जाएगा।

मैच कहां आयोजित होगा?

यह मुकाबला छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।

मैच कितने बजे शुरू होगा और टॉस कब होगा?

मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा। टॉस शाम 6:30 बजे होगा।

मैच का सीधा प्रसारण कहां देख सकते हैं?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मैच का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर किया जाएगा।

]]>
स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत लक्ष्मण सिद्ध मंदिर परिसर एवं वन क्षेत्र में चलाया स्वच्छता अभियान https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/a-cleanliness-drive-was-conducted-within-the-laxman-siddh-temple-premises-and-the-surrounding-forest-area-as-part-of-the-swachhata-hi-seva-cleanliness-is-service-campaign/ Fri, 16 Oct 2026 07:15:57 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/a-cleanliness-drive-was-conducted-within-the-laxman-siddh-temple-premises-and-the-surrounding-forest-area-as-part-of-the-swachhata-hi-seva-cleanliness-is-service-campaign/

देहरादून। स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को हर्रावाला स्थित लक्ष्मण सिद्ध मंदिर परिसर एवं आसपास के वन क्षेत्र में स्वच्छता अभियान एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में हर्रावाला के पार्षद, नगर निगम देहरादून की टीम, वन विभाग की टीम तथा वेस्ट वॉरियर्स संस्था ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। सभी ने श्रमदान कर मंदिर परिसर एवं वन क्षेत्र से प्लास्टिक सहित अन्य कचरा एकत्रित किया।

अभियान के दौरान एकत्रित प्लास्टिक कचरे को उचित प्रबंधन एवं प्रसंस्करण के लिए वेस्ट वॉरियर्स संस्था के स्वच्छता केंद्र भेजा गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए अपील की गई कि वे मंदिर परिसर एवं आसपास के वन क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें और कचरा इधर-उधर न फेंकें।

वेस्ट वॉरियर्स संस्था के सहायक निदेशक नवीन कुमार सडाना ने बताया कि धार्मिक स्थलों एवं प्राकृतिक क्षेत्रों को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। संस्था द्वारा लक्ष्मण सिद्ध मंदिर परिसर में पहले से ही कचरे के उचित संग्रहण के लिए चार डस्टबिन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, लंगर में डिस्पोजेबल बर्तनों के उपयोग को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टील के बर्तनों का सेट भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को स्थायी बनाने के लिए केवल सफाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कचरा फैलने से रोकना और उसका उचित प्रबंधन करना भी जरूरी है। इसमें स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।

अभियान में स्वच्छ भारत मिशन, नगर निगम देहरादून के ब्रांड एंबेसडर भारत शर्मा, रजत, मनीष, अमित, जसप्रीत, नीरज, विशाल सहित नगर निगम, वेस्ट वॉरियर्स संस्था, वन विभाग, स्थानीय नागरिक एवं सारथी संस्था के सदस्यों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई कि वे धार्मिक स्थलों की पवित्रता, वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण की सुरक्षा बनाए रखने में अपना योगदान दें।

]]>
दुनियाभर में गूंजेगी भगवान राम की गाथा, रिलीज हुआ ‘रामायण’ का ग्लोबल ट्रेलर https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/the-saga-of-lord-ram-will-resonate-across-the-globe-global-trailer-for-ramayan-released/ Fri, 16 Oct 2026 07:00:03 +0000 https://jansancharabhilekh.com/2026/10/16/the-saga-of-lord-ram-will-resonate-across-the-globe-global-trailer-for-ramayan-released/

भारतीय पौराणिक महागाथा ‘रामायण’ को भव्य सिनेमाई अंदाज में दुनिया के सामने पेश करने की तैयारी तेज हो गई है। रणबीर कपूर अभिनीत इस फिल्म का अंतरराष्ट्रीय ट्रेलर जारी कर दिया गया है। ट्रेलर में भगवान राम और रावण के किरदारों के साथ जबरदस्त एक्शन, भव्य दृश्य और फिल्म की विशाल दुनिया की झलक देखने को मिल रही है। इसे हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज किया गया है।

ट्रेलर में दिखी राम और रावण की अलग-अलग दुनिया

‘रामायण’ के ग्लोबल ट्रेलर में अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष को बड़े पैमाने पर दिखाया गया है। एक ओर भगवान राम के आदर्श, साहस और धर्म की झलक है, तो दूसरी ओर रावण की शक्ति और उसके साम्राज्य को प्रदर्शित किया गया है। शानदार दृश्य प्रभावों और एक्शन दृश्यों के जरिए फिल्म के भव्य सिनेमाई संसार को सामने लाने की कोशिश की गई है।

अत्याचार के खिलाफ भगवान राम का संकल्प

ट्रेलर में रावण के तीनों लोकों पर प्रभाव और उसके अत्याचारों के कारण मानव जाति पर मंडराते संकट को दिखाया गया है। इसके बाद भगवान विष्णु के मानव रूप में भगवान राम के अवतार की कहानी आगे बढ़ती है। ट्रेलर में राम और रावण के बीच होने वाले महायुद्ध की झलक भी देखने को मिलती है। भगवान राम का रावण का वध करने का संकल्प कहानी को और प्रभावशाली बनाता है।

इस दौरान साई पल्लवी सीता के किरदार में नजर आती हैं, जबकि रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में एक्शन करते दिखाई देते हैं। ट्रेलर की भव्यता और प्रमुख किरदारों की झलक ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।

अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचेगी भारतीय महागाथा

फिल्म को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है। सोनी पिक्चर्स के वैश्विक वितरण नेटवर्क के सहयोग से ‘रामायण’ को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और पौराणिक विरासत की इस प्रसिद्ध कथा को वैश्विक स्तर पर बड़े पर्दे तक पहुंचाना है।

बेंगलुरु में आयोजित हुआ ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम

फिल्म के अंतरराष्ट्रीय ट्रेलर को बेंगलुरु में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया। इसका आयोजन प्राइम फोकस स्टूडियोज और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस की ओर से किया गया। कार्यक्रम में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, रवि दुबे, संगीतकार ए.आर. रहमान और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

फिल्म में नजर आएंगे ये बड़े सितारे

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म में भारतीय महाकाव्य की कहानी को आधुनिक सिनेमाई तकनीक और भव्य दृश्यों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।

दो भागों में रिलीज होगी ‘रामायण’

‘रामायण’ का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने आठ बार ऑस्कर जीत चुकी दृश्य प्रभाव कंपनी डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर किया है।

फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। पहला भाग 5 नवंबर 2026 को, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 के अवसर पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना निर्धारित है। फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में दर्शकों तक पहुंचेगी।

वितरण की बात करें तो सोनी पिक्चर्स भारत को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिल्म रिलीज करेगी, जबकि हिंदी भाषी बाजार में धर्मा प्रोडक्शंस वितरण की जिम्मेदारी संभालेगा। अब दर्शकों की निगाहें फिल्म के पहले भाग की रिलीज पर टिकी हैं।

]]>