अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर भ्रष्टाचार तक, कांग्रेस ने धामी सरकार को घेरा, 22 अक्टूबर से निकालेगी न्याय यात्रा
27 अक्टूबर को गैरसैंण विधानसभा का घेराव
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच और प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों व पलायन जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को देहरादून के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी सांसद कुमारी शैलजा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार, उत्तराखंड की अस्मिता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा को प्रमुख मुद्दा बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।
अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी की भूमिका पर उठाए सवाल
कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक बेटी को न्याय दिलाने का मामला नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, उत्तराखंड की अस्मिता और सत्ता की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता के परिवार की ओर से कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवालों का अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
उन्होंने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए। शैलजा ने कहा कि अंकिता प्रकरण से जुड़े सवालों के बीच इस नियुक्ति ने उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं को आहत किया है। कांग्रेस ने मांग की कि किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक प्रभाव या पद के कारण जांच के दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंकिता के माता-पिता की न्याय की लड़ाई को कमजोर नहीं होने देगी। 14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें समर्थन दिया था। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग भी की थी।
शैलजा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में गांधी जी की प्रतिमा के सामने उपवास, विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन और विभिन्न जिलों में कैंडल मार्च के माध्यम से न्याय की मांग उठाई जा रही है। 15 अक्टूबर को कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी मांगें दोहराईं, जबकि 16 अक्टूबर को बाइक रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया गया।
उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय मिलने और उसके परिवार के सवालों का संतोषजनक जवाब आने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
भ्रष्टाचार, जमीन और खनन के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा
कांग्रेस प्रभारी ने प्रदेश में सड़क निर्माण, सरकारी ठेकों और विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े बड़े सौदों में प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने और खनन गतिविधियों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जमीन, प्राकृतिक संसाधन और सार्वजनिक धन जनता की संपत्ति हैं। इनका इस्तेमाल प्रदेश के विकास के लिए होना चाहिए। कांग्रेस ने संदिग्ध भूमि सौदों, सरकारी ठेकों और खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं और पलायन पर उठाए सवाल
कुमारी शैलजा ने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार के लिए परेशान हैं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा पेपर लीक की घटनाओं ने उनके भविष्य पर सवाल खड़े किए हैं। दूसरी ओर, पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण गांवों से पलायन लगातार चिंता का विषय बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को रोजगार सृजन, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और पलायन रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना सामने रखनी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं को हर स्तर पर उठाया जाएगा और सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे की जांच की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था से जुड़े धन के मामले में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और श्रद्धालुओं के चढ़ावे का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
कांग्रेस ने कहा कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े वित्तीय मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग के खर्चों की जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विभागों में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने राशन वितरण, मध्याह्न भोजन योजना, राष्ट्रीय खेलों से संबंधित खर्चों और अन्य विभागीय मदों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
पार्टी ने सवाल किया कि यदि विभागों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं, तो सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है। कांग्रेस नेताओं ने एसआईटी की जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच का उद्देश्य सच्चाई सामने लाना होना चाहिए, न कि किसी को बचाना। पार्टी ने आरोपों की स्वतंत्र जांच और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।
उत्तराखंड की अस्मिता और संसाधनों की रक्षा का मुद्दा उठाया
कुमारी शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण जनता के संघर्ष और बलिदान से हुआ है। ऐसे में प्रदेश की जमीन, प्राकृतिक संसाधनों और लोगों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों पर सरकार अपेक्षित कदम नहीं उठा रही है।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के साथ प्रदेश के व्यापक जनहित से जुड़े मुद्दों को भी कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी। दिल्ली में कांग्रेस सेवादल के कैंडल मार्च और प्रदेश के विभिन्न जिलों में हो रहे विरोध कार्यक्रमों को भी इसी अभियान का हिस्सा बताया गया।
कांग्रेस ने घोषित किए आगामी आंदोलन के कार्यक्रम
कांग्रेस ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कई विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार, इन कार्यक्रमों के जरिए अंकिता भंडारी प्रकरण समेत अन्य जनहित के मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा।
22 से 25 अक्टूबर 2026: प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। विधानसभा क्षेत्रों में जनसंवाद के माध्यम से अंकिता भंडारी प्रकरण और अन्य जनसमस्याओं को उठाया जाएगा।
27 अक्टूबर 2026: गैरसैंण में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसमें कथित वीआईपी की भूमिका, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
1 नवंबर 2026: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर दिल्ली में आयोजित रैली में उत्तराखंड से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे।
4 नवंबर 2026: उत्तराखंड की जमीन और संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर जिला एवं प्रदेश मुख्यालयों सहित संबंधित स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने जमीन के कथित अनुचित हस्तांतरण और कम कीमत पर जमीन बेचे जाने के आरोपों को भी प्रमुखता से उठाने की बात कही।
कांग्रेस सरकार बनने पर पारदर्शिता और जवाबदेही का वादा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने पर भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच, सरकारी खर्चों में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, पलायन रोकने की ठोस नीति और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
कुमारी शैलजा ने कहा कि जिस भी विभाग में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आएगी, उसकी जांच कराई जाएगी और जनता के पैसे का हिसाब लिया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से उत्तराखंड के सम्मान, बेटियों को न्याय, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस के संघर्ष में भागीदारी की अपील की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, प्रदेश सह-प्रभारी मनोज यादव और सुरेंद्र शर्मा, पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी, महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष मदन लाल, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, उपाध्यक्ष सुजाता पॉल, एआईसीसी मीडिया समन्वयक पंखुड़ी पाठक और उपाध्यक्ष राजीव महर्षि सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
